Latest Stories

Mythology

View All →
हनुमान और कालनेमि की कहानी — संजीवनी के रास्ते का वो जाल
Mythology

हनुमान और कालनेमि की कहानी — संजीवनी के रास्ते का वो जाल

रात का तीसरा पहर बीत चुका था, और हनुमान के पास अब बस इतना समय था जितना एक दीया बुझने में लगता है। लक्ष्मण रणभूमि में मूर्छित पड़े थे। वैद्य सुषेण ने साफ़ कह दिया था कि संजीवनी सूर्योदय से पहले न पहुँची, तो कुछ नहीं बचेगा। इसलिए हनुमान उस रात हवा से भी तेज़ उड़ रहे थे। नीचे अँधेरे जंगल, ऊपर बुझते तारे। यही वह रात थी जब हनुमान ने अपने जीवन में पहली बार किसी चीज़ के लिए "रुकना" चुना। यही हनुमान और कालनेमि की कहानी का सबसे बड़ा सच है। लंका में एक सौदा उधर लंका में…

06-October-2026 5 min read

Biography

View All →
Biography

नीरज चोपड़ा की कहानी: पानीपत के एक बच्चे से भाला फेंक के चैंपियन तक

ग्यारह साल की उम्र में नीरज का वज़न उसकी उम्र के हिसाब से काफ़ी ज़्यादा हो चुका था। स्कूल में मज़ाक बनता, रिश्तेदार टोकते, और…

09-September-2026 6 min read
Biography

वैभव सूर्यवंशी की कहानी: हरारे के मैदान से समस्तीपुर के उस खेत तक

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की गैलरी में उस शाम हवा ठंडी थी, लेकिन मैदान के बीचोंबीच एक 14 साल का लड़का अपनी बैट घुमा रहा था…

09-September-2026 6 min read

Inspirational

View All →
भारत की एशियन गेम्स 2026 कहानी: जब सबसे बड़ा नाम मैदान से दूर रहा
Biography

भारत की एशियन गेम्स 2026 कहानी: जब सबसे बड़ा नाम मैदान से दूर रहा

19 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में जब भारतीय दल मार्च करेगा, तो सबसे आगे झंडा उस हाथ में नहीं होगा जिसे हर कोई देखने आया होगा। एशियन गेम्स 2026 की भारत की कहानी इस बार एक खाली जगह से शुरू होती है — उस जगह से, जहां नीरज चोपड़ा खड़े होते। कुछ दिन पहले तक सब कुछ ठीक लग रहा था। लॉज़ान डायमंड लीग में सीज़न का सबसे अच्छा थ्रो — 88.05 मीटर — फेंककर नीरज ने खुद कहा था कि आखिरकार उन्हें अपनी लय मिल रही है। फिर ट्रेनिंग के दौरान टखने का लिगामेंट टूटा। इंस्टाग्राम पर एक…

06-September-2026 6 min read

Lifestyle

View All →

Fictional

View All →
AI स्टार्टअप की कहानी: जब डेमो में चार सौ रुपये चार लाख बन गए
Fictional

AI स्टार्टअप की कहानी: जब डेमो में चार सौ रुपये चार लाख बन गए

स्क्रीन पर जैसे ही लिखा आया — "रामप्रसाद जी पर बकाया: ₹4,00,000" — हॉल की तीसरी कतार में किसी ने हँसी दबाई, और कुणाल को समझ आ गया कि उसकी ज़िंदगी के सबसे ज़रूरी सात मिनट खत्म हो चुके हैं। उसने माइक में साफ़ बोला था, "रामप्रसाद जी, चार सौ, उधार।" उसके पीछे मंच पर एक बड़ा बैनर लगा था: "अगली बड़ी AI स्टार्टअप की कहानी यहीं से शुरू होगी।" और उसी बैनर के नीचे उसका अपना बनाया ऐप, 'मुनीमजी', एक बुज़ुर्ग पर चार लाख का कर्ज़ चढ़ा चुका था। डेमो के सातवें मिनट में "एक सेकंड," कुणाल ने कहा।…

08-October-2026 8 min read
Moral

जो माँगा था, वही मिला

काशी के घाटों पर शाम उतर रही थी जब सेठ धनराज शर्मा ने अपने नौकर से कहा — “रथ रोको।” मणिकर्णिका के पास, एक पीपल…

05-July-2026 8 min read
Moral

तीन भिखारी और राजा का इम्तिहान

रात के तीसरे पहर में राजा विक्रमादित्य ने अपना मुकुट उतारा, अपनी अंगूठियाँ उतारीं, और एक फटी हुई चादर ओढ़ ली जो किसी मरे हुए…

05-June-2026 10 min read
Children

लकड़हारा और छोटा होता पेड़

जंगल के उस कोने में कोई नहीं आता था जहाँ हरिया लकड़ी काटने जाता था। पेड़ वहाँ टेढ़े-मेढ़े थे, ज़मीन पथरीली थी, और रास्ता ऐसा…

16-May-2026 7 min read
Biography

छत्रपति शिवाजी महाराज: एक ऐसे नायक की कहानी, जिसने मुगलों के सामने भी नहीं झुकाया सिर

एक शाम, महाराष्ट्र के सह्याद्रि पहाड़ों की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में, दादाजी कोंडदेव अपने पोते के…

01-September-2025 · 11 min